केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के हजारीबाग स्थित एक अधिकारी और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। एजेंसी के अनुसार अधिकारी पर पद का कथित दुरुपयोग कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसी ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है। मामले में वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने अधिकारी और उनकी पत्नी की चल एवं अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया है। एजेंसी पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच अभी जारी है।
इस दौरान अधिकारी और उनकी पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्तियों का आकलन किया गया। एजेंसी ने उनकी वैध आय और कुल खर्च का भी विश्लेषण किया। जांच में दोनों के नाम पर बड़ी मात्रा में संपत्ति होने की बात सामने आई। सीबीआई का दावा है कि करीब 1.11 करोड़ रुपये की संपत्ति का वैध स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका। एजेंसी ने सभी वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।
सीबीआई अब संपत्तियों के स्रोत और निवेश के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संपत्तियां किस माध्यम से अर्जित की गईं। संबंधित बैंक खातों और निवेश का भी परीक्षण किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। सीबीआई ने मामले में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। मामले की जांच जारी है।



