मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नई दिल्ली में वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठकें नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान आयोजित की गईं। उद्देश्य राज्य में एआई आधारित विकास को बढ़ावा देना था। डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार पर विशेष चर्चा हुई। भविष्य की तकनीकों को अपनाने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने सरकार की सकारात्मक सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ेगा। पारंपरिक ज्ञान और नवाचार को साथ लेकर विकास किया जाएगा। कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के प्रस्ताव दिए। सभी ने राज्य के तकनीकी विकास का समर्थन किया।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, आईबीएम और एडब्ल्यूएस के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। एआई आधारित शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा हुई। डिजिटल डेटा प्रबंधन को मजबूत बनाने की योजना पर विचार हुआ। क्लाउड तकनीक और साइबर सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कंपनियों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रमों की पेशकश की। सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने के उपाय सुझाए गए। डेटा विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर बल दिया गया। सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी विचार हुआ। कई कंपनियों ने बिना शुल्क के प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट देने की पेशकश की। इससे भविष्य में तकनीकी समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। उन्होंने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सहमति बनी। निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा हुई। कौशल विकास को प्राथमिकता देने की बात कही गई। राज्य सरकार ने उद्योगों के साथ दीर्घकालिक सहयोग का भरोसा दिया। तकनीकी कंपनियों ने झारखंड की संभावनाओं की सराहना की। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



