रांची में 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा और रामगढ़ समेत 10 से अधिक ठिकानों पर जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों की गहन तलाशी ली गई। अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी खंगाला गया। संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अपनाई गई। पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंजाम दिया गया। सीआईडी की टीमों ने कई घंटे तक जांच जारी रखी।
सीआईडी सूत्रों के अनुसार छापेमारी उन लोगों और स्थानों पर की गई जिनका नाम जांच के दौरान सामने आया है। कुछ लोगों के परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने की आशंका भी जताई गई है। एजेंसी सभी तथ्यों का बारीकी से सत्यापन कर रही है। जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण भी होगा। अधिकारियों को इस कार्रवाई से नए सुराग मिलने की उम्मीद है। जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। संबंधित लोगों से पूछताछ का सिलसिला भी जारी है। एजेंसी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
इससे पहले भी सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। अब तक इस मामले में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांगते से कई दौर की पूछताछ हो चुकी है। उन्हें सोमवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी उनके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। सीआईडी ने कहा है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर एजेंसी की नजर बनी हुई है।


