पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक व्याप्त है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ झारखंड विधानसभा पहुंचे। वहां उन्होंने मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन्नान मल्लिक का जीवन समाज और जनता की सेवा को समर्पित था। वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने झारखंड के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से राज्य को बड़ी क्षति हुई है।
श्रद्धांजलि के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मन्नान मल्लिक ने जनहित के मुद्दों को हमेशा प्रमुखता से उठाया। विशेषकर धनबाद क्षेत्र में उनकी पहचान एक जनप्रिय नेता के रूप में थी। उन्होंने जनता के साथ मजबूत संबंध बनाए रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका अनुभव और नेतृत्व राज्य के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की कामना की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। सभी ने दिवंगत नेता को अपने-अपने तरीके से याद किया। उनके राजनीतिक जीवन की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गईं।
मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन ने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य उनके साथ खड़ा है। मन्नान मल्लिक कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था। मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही विभिन्न क्षेत्रों से शोक संदेश आने लगे। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यभर में उनके समर्थकों ने दुःख व्यक्त किया। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



