मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के शैक्षणिक भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झारखंड को माइनिंग आधारित पहचान से आगे बढ़ाकर ज्ञान और नवाचार आधारित राज्य बनाना आवश्यक है। इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए। बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभावी संचालन की समीक्षा की। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों तक शिक्षा ऋण पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। छात्रवृत्ति योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निवेश राज्य के भविष्य में निवेश के समान है। बैठक में शिक्षा सुधारों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने अगले 15 दिनों के भीतर विश्वविद्यालय सेवा आयोग को सक्रिय करने का निर्देश दिया। रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल करने की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों ने ऑनलाइन शिक्षा परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। तकनीकी शिक्षा में आधुनिक विषयों को शामिल करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही संस्थान की डिजिटल प्रस्तुति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया गया। बैठक में शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल पर भी विचार किया गया।
राज्य के विभिन्न जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने भविष्य की तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और टेक्सटाइल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने की बात कही गई। उच्च शिक्षा के लिए नए वित्तीय स्रोतों की पहचान करने का निर्देश भी दिया गया। जेयूपीएमआई संस्थान में नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने को कहा। छात्रावासों की स्थिति सुधारने और सुविधाएं बढ़ाने पर भी बल दिया गया। बैठक में झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को योजनाओं का नियमित मूल्यांकन करने का निर्देश दिया गया। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



