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झारखंड में शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने को सरकार का बड़ा फोकस.

ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या घटाने में राज्य राष्ट्रीय औसत से आगे.

 रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभाग की योजनाओं और शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी विद्यालयों में आधुनिक तकनीक आधारित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाने की जरूरत है। बैठक में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक गुणवत्ता पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया। रिक्त पदों को जल्द भरने को सरकार की प्राथमिकता बताया गया। नव नियुक्त शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ड्रॉप आउट मामलों में निरंतर सुधार हो रहा है। झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। स्कूल छोड़ चुके बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मजदूरी करने वाले बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने पर जोर दिया। किताब और साइकिल वितरण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों का परिणाम कमजोर है वहां विशेष सुधार कार्य किया जाए। सभी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा और आईसीटी लैब को मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में एक समान शैक्षणिक व्यवस्था जरूरी है। बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार कार्य करे। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगले छह से आठ महीने में कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे नहीं चलेगा। स्थानीय योग्य युवाओं को शिक्षण कार्य से जोड़ने पर जोर दिया गया। छात्राओं को भी अवसर देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अभिवंचित बच्चों को बेहतर सुविधा देने पर जोर दिया गया। प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना के लिए एक सप्ताह में डीपीआर प्रस्तुत करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में वृक्षारोपण अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।

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