रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो पिस्टल और 13 जिंदा कारतूस बरामद किये गये हैं। इसके अलावा तीन खोखा भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस के अनुसार 8 मई की शाम को कोलांबी गांव में फायरिंग की सूचना मिली थी। घटना के बाद नगड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया। सूचना मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। ग्रामीण एसपी की निगरानी में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। डीएसपी अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस ने तुसमों गांव में छापेमारी कर अनुप कुमार को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान अनुप कुमार ने फायरिंग की घटना स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को बताया कि घटना के बाद हथियार छिपा दिये गये थे। आरोपी ने बताया कि दो पिस्टल और कारतूस अपने दोस्त रमेश गोप के घर में रखे गये थे। इसके बाद पुलिस ने रमेश गोप के घर पर छापेमारी की। वहां से रमेश गोप और प्रताप गोप को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हथियार और कारतूस बरामद किये। बरामद हथियारों के वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया। मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी।
गिरफ्तार आरोपियों में अनुप कुमार, रमेश गोप और प्रताप गोप शामिल हैं। तीनों आरोपी तुसमों गांव के रहने वाले बताये जा रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नगड़ी थाना कांड संख्या 74/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी अभियान में नगड़ी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार भी शामिल थे। थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। रिजर्व गार्ड के जवानों को भी अभियान में लगाया गया था। पुलिस अब मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इलाके में घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है।



