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संयुक्त अभियान में तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार.

पूछताछ में बड़े नेटवर्क के मिले सुराग.

सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में तीन हार्डकोर इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार नक्सलियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। शुरुआती जांच में इनके तार एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले की जानकारी सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि कार्रवाई सटीक खुफिया सूचना के आधार पर की गई। अब पूरे नक्सली नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास तेज कर दिया गया है।

गिरफ्तार नक्सलियों में मदन महतो उर्फ शंकर, बरिन सिंह उर्फ सागर और मीना पहाड़िया उर्फ मौरा शामिल हैं। मदन महतो पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार वह करीब 25 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय था। उसके खिलाफ झारखंड और पश्चिम बंगाल में 41 से अधिक मामले दर्ज हैं। कई बड़े नक्सली हमलों में उसकी संलिप्तता की भी जांच एजेंसियां कर चुकी हैं। बरिन सिंह उर्फ सागर पर 5 लाख रुपये का इनाम था। वह संगठन के लिए रणनीति तैयार करने और नए कैडरों को प्रशिक्षण देने का काम करता था। मीना पहाड़िया उर्फ मौरा पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार वह विस्फोटक तैयार करने, आईईडी लगाने और रसद पहुंचाने जैसे कार्यों में शामिल रहती थी।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कब्जे से एक AK-47 राइफल, एक इंसास राइफल और एक पिस्टल बरामद की है। इसके अलावा कॉर्डेक्स वायर और करीब 250 राउंड जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि हाल के समय में माओवादी संगठन आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। संगठन लेवी वसूली बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ था। इसी दौरान मिली खुफिया सूचना के आधार पर विशेष अभियान की योजना बनाई गई। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर आगे भी अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य पूरे नक्सली नेटवर्क को कमजोर करना है। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण कार्रवाई होने की संभावना जताई गई है।

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