केंद्र के फैसले की जानकारी झारखंड के मुख्य सचिव को दी गई। राज्य सरकार को यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरी करनी थी। योजना के तहत पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण से जुड़े कार्य किए जाने थे। इसके लिए केंद्र से निर्धारित राशि स्वीकृत की गई थी। योजना को ASUMP के तहत लागू किया जाना था। पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इसमें विभिन्न संसाधनों की खरीद शामिल थी। राज्य को तय समय सीमा के भीतर खरीद प्रक्रिया पूरी करनी थी। मूल समय सीमा 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। इस अवधि तक खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद केंद्र की ओर से राज्य को अतिरिक्त समय दिया गया। यह अवधि बढ़ाकर जुलाई 2026 तक कर दी गई। इसके बावजूद राज्य सरकार निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी। समय सीमा समाप्त होने के बाद केंद्र ने योजना रद्द करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही स्वीकृत राशि से जुड़ी प्रक्रिया भी समाप्त हो गई। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
केंद्र के इस फैसले से पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े प्रस्ताव प्रभावित हुए हैं। योजना में पुलिस विभाग के लिए जरूरी आधुनिक संसाधनों की व्यवस्था की जानी थी। खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं होने को रद्दीकरण का मुख्य कारण बताया गया है। राज्य सरकार के पास निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने का अवसर था। अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके बाद केंद्र ने योजना को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस फैसले से 8.94 करोड़ रुपये की परियोजना फिलहाल समाप्त हो गई है। पुलिस आधुनिकीकरण के लिए नई प्रक्रिया अपनाने की स्थिति पर आगे फैसला हो सकता है। राज्य के स्तर पर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। केंद्र के निर्णय के बाद संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। योजना रद्द होने से प्रस्तावित खरीद और आधुनिकीकरण कार्यों पर असर पड़ा है। केंद्र ने समय सीमा का पालन नहीं होने के आधार पर कार्रवाई की है। अब राज्य सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।



