रांची में जमीन के सौदे से जुड़ा कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में अभिषेक चौधरी ने हिंदपीढ़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। अभिषेक चौधरी JSCA के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ चौधरी के बेटे हैं। शिकायत में जमीन के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में हिंदपीढ़ी निवासी एक परिवार के पांच लोगों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में शहनवाज शेख का नाम शामिल है। अफताब शेख को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है। सफदर शेख का नाम भी मामले में दर्ज किया गया है। तबस्सुम इसरार और शबनम शेख को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शहनवाज शेख को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन कर रही है। मामले की जांच जमीन के सौदे और उससे जुड़े लेन-देन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
बताया गया है कि विवादित जमीन खलारी और चान्हो अंचल में स्थित है। जमीन केदल और रामदगा गांव में बताई गई है। संबंधित जमीन का रकबा करीब 736 डिसमिल बताया गया है। इसी जमीन के सौदे को लेकर शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। दस्तावेजों में दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन के लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सौदे में किन लोगों की क्या भूमिका रही। मामले में उपलब्ध कागजात और अन्य तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। शिकायत में बताए गए वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए मामले की जानकारी जुटा रही है। जांच में जमीन के स्वामित्व और सौदे से संबंधित पहलुओं को देखा जा रहा है। अन्य आरोपियों के संबंध में भी पुलिस जानकारी एकत्र कर रही है। मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है। जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेज पुलिस की जांच के केंद्र में हैं। लेन-देन से संबंधित जानकारी भी मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस सभी संबंधित पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।



