कोलकाता के थिएटर रोड में झारक्राफ्ट के नए इम्पोरियम का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग सचिव अरवा राजकमल भी उपस्थित रहे। मंत्री ने कहा कि यह इम्पोरियम झारखंड के कारीगरों की पहचान को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की दिशा में यह अहम कदम है। महिला कारीगरों को भी इससे विशेष लाभ मिलेगा। झारक्राफ्ट राज्य के बुनकरों और हस्तशिल्प कलाकारों को मंच प्रदान कर रहा है। मंत्री ने कहा कि झारखंड की कला देश और विदेश में लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने राज्य की जनजातीय संस्कृति को विशेष पहचान बताया। उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि कोलकाता में इम्पोरियम खुलना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। झारखंड की तसर सिल्क और डोकरा कला की बाजार में काफी मांग है। झारक्राफ्ट ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रहा है। इम्पोरियम में आधुनिक और पारंपरिक डिजाइन का बेहतरीन संगम दिखाई देगा। ग्राहकों को यहां झारखंड की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि यह पहल दोनों राज्यों के सांस्कृतिक संबंध मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि कोलकाता कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। ऐसे शहर में झारक्राफ्ट को अच्छा बाजार मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में झारखंडी हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोगों ने उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई।
झारक्राफ्ट की प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह ने कार्यक्रम में सभी अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह इम्पोरियम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय होगा। भविष्य में अन्य महानगरों में भी नए इम्पोरियम खोलने की योजना है। यहां साड़ियां, सलवार सूट और डिजाइनर कुर्तियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा शॉल, स्कार्फ और रेशमी कपड़ों की भी बिक्री की जा रही है। लेदर बैग और हस्तनिर्मित वस्तुएं ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। इस पहल से झारखंड के हजारों कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को इससे नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में उद्योग विभाग और झारक्राफ्ट के कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल इस इम्पोरियम को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का नया केंद्र माना जा रहा है।



