झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता महेश तिवारी से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश जारी किया है। यह याचिका सजा पर रोक संबंधी आदेश को चुनौती देने से जुड़ी है। रांची सिविल कोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार का पक्ष भी सुना। सरकार ने याचिका की वैधता पर आपत्ति दर्ज की। इसके बाद कोर्ट ने महेश तिवारी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित की गई है। मामले को लेकर कानूनी हलकों में चर्चा बनी हुई है। सभी की नजर अब आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक विनीत कुमार वशिष्ठ उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। सरकार का तर्क था कि केवल अंतरिम आवेदन के आदेश को चुनौती दी गई है। अदालत ने इस तर्क को रिकॉर्ड में शामिल किया। इसके बाद कोर्ट ने जवाब दाखिल करने का अवसर प्रदान किया। मामले की अगली सुनवाई तक कोई अंतिम राहत नहीं दी गई है। अदालत अब दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलों पर विचार करेगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी। इस मामले का फैसला कई महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महेश तिवारी को पहले रांची सिविल कोर्ट से दो वर्ष की सजा मिली थी। यह मामला महिला अधिवक्ता ऋतु कुमार के साथ मारपीट से जुड़ा हुआ है। न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उन्हें दोषी माना था। इसके बाद उन्होंने दोष सिद्धि के खिलाफ अपील दाखिल की थी। साथ ही सजा पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई थी। प्रधान न्याय आयुक्त की अदालत ने यह आवेदन खारिज कर दिया था। मुख्य अपील को आगे सुनवाई के लिए अपर न्याय आयुक्त की अदालत में भेजा गया था। इसके बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी। अदालत के आगामी आदेश का इंतजार किया जा रहा है।



